रोहन 26 का था। पुणे का कोरेगांव पार्क उसका दूसरा घर था। आईटी में काम, वीकेंड पे गिग्स।
उस रात मार्च 2025 थी। High Spirits में एक अंडरग्राउंड बैंड — "एंटीसोशल" — का गिग था। रोहन अकेला गया था, उस महीने तीसरी बार।
"अकेले गिग जाना मेरी थेरेपी थी। पर कोई मिलेगा — ये सोचा नहीं था।"
मैच की शुरुआत
MyTripDate पे 4 दिन पहले मैच हुआ था। नाम — आयशा। बायो में "पुणे की लड़की, एंटीसोशल फैन, म्यूज़िक स्नॉब"।
रोहन ने पहला डीएम भेजा था — "एंटीसोशल की शनिवार वाली गिग? मैं जा रहा हूँ।"
आयशा: "प्लान था। अकेले जा रही हूँ।"
रोहन: "मैं भी। High Spirits में मिलें?"
आयशा: "शायद।"
भारतीय जेन-ज़ी में 'शायद' का मतलब अक्सर पक्का 'हाँ' होता है।
गिग की रात
रोहन 8:30 पहुँचा। बार में लोग थे, स्टेज खाली था। उसने एक किंगफ़िशर मँगाई, इंतज़ार किया।
9:10 पे आयशा आई। लाल वेस्ट, डॉक्स जूते, बाल गीले — कोरेगांव पार्क में बारिश हो रही थी।
"मैंने सोचा यार पहचानूँगा कैसे — पर उसने सीधा आके बोला 'रोहन?'। मैं शॉक हो गया।"
पहले 5 मिनट अजीब थे। एंटीसोशल का वोकलिस्ट साउंड चेक कर रहा था, दोनों ने एक सिगरेट शेयर की।
"पहली बार जब मेरे हाथ में सिगरेट थी और मैं नैचुरल नहीं था — काँप रहा था।"
गिग शुरू हुआ
9:45 पे एंटीसोशल ने शुरुआत की। पहला गाना "तुम जाओ ना" — पुणे के जेन-ज़ी का एंथम।
आयशा ने रोहन को खींचा पिट के आगे। "आगे ही खड़े होते हैं, पीछे बोरिंग है।"
"वो पहला फिजिकल कॉन्टैक्ट था। मेरा दिल इतनी ज़ोर से धड़क रहा था कि बैंड की ड्रमिंग भी उसके आगे फीकी पड़ गई।"
अगले एक घंटे में बात कम थी, म्यूज़िक ज़्यादा। पर एक-दूसरे को देखना — वो था। हर गाने के ख़त्म होने पे आई-कॉन्टैक्ट।
इंटरवल — ज़रूरी बात
10:45 पे एंटीसोशल ने 15 मिनट का ब्रेक लिया। रोहन आयशा को बाहर ले गया।
"High Spirits के नीचे एक बेंच है, जहाँ लोग स्मोक करते हैं। वहाँ बैठे।"
आयशा ने पूछा: "तुम पुणे के हो?"
रोहन: "नागपुर से, पर पुणे में 4 साल हो गए।"
आयशा: "मैं बॉम्बे से। पुणे ज़्यादा शांत लगा इसलिए यहाँ शिफ्ट हुई।"
"उन 15 मिनट में मुझे लगा — ये कहीं जाती है। ये कैज़ुअल नहीं है।"
गिग का दूसरा हाफ
रात 11 से 12 बजे तक। एंटीसोशल ने "पुरानी बातें" परफॉर्म किया। वो पुणे का ब्रेक-अप एंथम है।
आयशा ने रोहन का हाथ पकड़ा। "पहला फिजिकल मूव उसने बनाया। मुझे शुक्रिया बोलना था पर म्यूज़िक लाउड था।"
गिग खत्म होने के बाद रोहन ने पूछा — "चलो कुछ खा लें?"
German Bakery, कोरेगांव पार्क, उस वक़्त एक सुनसान जगह। दोनों ने चाय और ऑमलेट ऑर्डर किया।
पहली असली बातचीत
रात 12:30। German Bakery खाली था। एक वेटर ऊँघ रहा था।
"तब मुझे पता चला आयशा साइकोलॉजी की स्टूडेंट है। काउंसलर बनेगी। उसकी दो बिल्लियाँ हैं, अकिता और हस्की।"
"मैंने उसे बोला मेरी आईटी जॉब बोरिंग है, पर पे अच्छी है। उसने मुझे जज नहीं किया।"
रात 3 बजे तक बैठे रहे। अगले दिन दोनों ऑफिस लेट थे, पर कोई फ़िक्र नहीं।
अगले हफ्ते
रोहन ने सोमवार को मैसेज भेजा — "बानेर साइड जाना हो तो वहाँ नया कैफ़े खुला है।"
आयशा: "नीचे दिखाओ।"
दूसरी डेट बानेर के एक छोटे कैफ़े में। तीसरी डेट ओशो पार्क पे वॉक। चौथी डेट आयशा के घर पे उसकी बिल्लियों से मिलना।
3 महीने में
दोनों ने बता दिया — "हम कपल हैं।" ऑफिशियल पे। इंस्टा पे सॉफ्ट लॉन्च।
4 महीने में आयशा ने रोहन को अपनी माँ से मिलाया। नासिक की माँ थी, विज़िट पे आई हुई थी।
"आंटी ने मुझे शुरुआती 10 मिनट में जज किया, फिर मेरे नागपुर वाले जोक पे हँसी। वहाँ से एक्सेप्ट हो गया।"
आज (1 साल बाद)
रोहन कोरेगांव पार्क में ही एक 1-बीएचके में शिफ्ट हुआ, आयशा के घर के पास।
"हम हर हफ्ते एंटीसोशल का गिग अटेंड करते हैं। वो हमारा चैप्टर है — जहाँ से सब शुरू हुआ था।"
"पिछले शनिवार एंटीसोशल ने स्टेज से कहा था — 'इस कपल को देखिए, ये हमारे पहले मैच वाले दिन से हैं।' पूरी क्राउड ने चीयर किया। मेरी ज़िंदगी का बेस्ट मोमेंट।"
रोहन की सीख
- "अकेले गिग जाओ, ऐप पे मैच होने के बाद वहीं मिलो। न्यूट्रल ग्राउंड कमाल है।"
- "पहला फिजिकल कॉन्टैक्ट उसे बनाने दो जो रेडी है। अजीब तरीके से पुश मत करो।"
- "German Bakery वाली रात 3 बजे की बातचीत सच में गहरी थी — जल्दबाज़ी मत करो।"
- "म्यूज़िक जो दोनों को कनेक्ट करे — सोना है। शेयर्ड टेस्ट शुरुआत का शॉर्टकट है।"
- "1 साल बाद भी उसका हाथ पकड़ना उस गिग वाली रात की याद दिला देता है।"
रोहन और आयशा आज भी कोरेगांव पार्क में हैं। अगला एंटीसोशल गिग मार्च में है। दोनों जाएँगे।